आईपीएस ने आरोपी एसीएस से ही मांग ली अभियोजन स्वीकृति : इंस्पेक्टर मैडम की डिमांड से परेशान हुए एसपी साहब : इंजीनियर साहब का बर्थडे निकल गया, लेकिन गिफ्ट का सिलसिला जारी है
मध्यप्रदेश प्रशासनिक हलचल: IPS-IAS विवाद, टेंडर रद्द और अफसरों की चर्चित खबरें

एक कलेक्टर साहब ने जिले की कमान संभालते समय बड़े दावे किए थे। उनका कहना था कि वे किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में काम नहीं करते और हर फैसला नियम-कायदों के अनुसार लेते हैं। शुरुआती दिनों में उन्होंने गांव-गांव जाकर सरपंचों के साथ फोटो सेशन भी कराया, जिससे उनकी छवि एक सख्त और जनहितैषी अधिकारी की बनी। लेकिन हाल ही में घटी एक घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, उनके एक एसडीएम ने सत्तारूढ़ दल के जिलाध्यक्ष से जुड़ी बताई जा रही एक अवैध खदान पर कार्रवाई करते हुए उसे बंद करा दिया। कार्रवाई के कुछ ही समय बाद संबंधित डिप्टी कलेक्टर को उनके पद से हटाकर कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया गया और उन्हें कार्यालय में बैठने की जिम्मेदारी दे दी गई। अंदरखाने चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद कलेक्टर साहब ने जिलाध्यक्ष को यह भरोसा भी दिलाया कि भविष्य में उनके रहते ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी।





