Katni Land Deal Case: निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 आरोपी 14 दिन से फरार, इनाम और लुकआउट नोटिस के बाद भी नहीं लगा सुराग
कटनी के चर्चित जमीन सौदेबाजी मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने तीनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम और लुकआउट नोटिस जारी किया है। SIT जांच के दौरान सीएसपी कार्यालय से दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर चुकी है।

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में चर्चित जमीन सौदेबाजी और कथित भ्रष्टाचार मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 19 अगस्त 2026 को FIR दर्ज होने के बाद से नेहा पच्चीसिया, कथित मुख्य फाइनेंसर क्षितिज राज बारापत्रे और कथित कागजी खरीदार मारूफ अहमद हनफी फरार बताए जा रहे हैं।
मामले में पुलिस ने आरोपियों पर इनाम घोषित करने के साथ लुकआउट नोटिस भी जारी किए हैं। वहीं, अदालत से नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज बारापत्रे की अग्रिम जमानत याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं। जांच के दौरान SIT ने सीएसपी कार्यालय से कागजी और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
इसके बावजूद अब तक तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
क्या है कटनी का जमीन सौदेबाजी मामला?
मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 738/2026 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता आकाश लोधी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि करीब 1.07 करोड़ रुपये मूल्य की पैतृक जमीन की रजिस्ट्री तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया और अन्य आरोपियों ने दबाव बनाकर कराई।
शिकायत के मुताबिक, जमीन के बदले कथित तौर पर सिर्फ 15 लाख रुपये का चेक दिया गया। इसके बाद रजिस्ट्री निरस्त कर जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम दर्ज कराने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी दावा किया गया कि जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 82.46 लाख रुपये था, जबकि दस्तावेजों में इसकी कीमत सिर्फ 18.20 लाख रुपये दर्शाई गई।
इन आरोपों की जांच पुलिस और SIT द्वारा की जा रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
आठ सदस्यीय SIT कर रही मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी पहले कटनी एएसपी कमल मौर्य के पास थी। बाद में जांच जबलपुर एएसपी अनु बेनीवाल को सौंपी गई और इसके बाद कटनी जिले में FIR दर्ज की गई।
मामले की विस्तृत जांच के लिए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। SIT की जिम्मेदारी एएसपी अंजना तिवारी को सौंपी गई है।
जांच आगे बढ़ने के साथ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी), 12 और 13 भी जोड़ी गईं। इससे मामले की कानूनी गंभीरता बढ़ गई है।
सीएसपी कार्यालय से जब्त किए गए कागजी और डिजिटल सबूत
जांच के दौरान SIT ने सील किए गए सीएसपी कार्यालय की सील खोलकर तलाशी ली। तलाशी में महत्वपूर्ण कागजी दस्तावेजों के साथ डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसी इन साक्ष्यों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच करा रही है। इसके जरिए जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों, कथित आर्थिक लेन-देन और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
इसके अलावा तीनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य आरोपियों के देश से बाहर जाने की किसी संभावित कोशिश को रोकना बताया गया है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
नेहा पच्चीसिया और क्षितिज की अग्रिम जमानत खारिज
इस मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लीला लोधी की अदालत ने निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया और क्षितिज राज बारापत्रे की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के साथ केस डायरी और अभियोजन की ओर से प्रस्तुत रिकॉर्ड का अवलोकन किया। इसके बाद दोनों आरोपियों को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया गया।
अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस के लिए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है।
14 दिन बाद भी पुलिस की पहुंच से बाहर आरोपी
FIR दर्ज हुए करीब दो सप्ताह हो चुके हैं। इस दौरान SIT का गठन, कार्यालय की तलाशी, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्ती, आरोपियों पर इनाम और लुकआउट नोटिस जैसी कार्रवाई की जा चुकी है।
इसके बावजूद तीनों आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में जांच की दिशा के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अब जांच एजेंसियों की नजर जब्त किए गए डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच पर है। इससे कथित जमीन सौदे और आर्थिक लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की संभावना है।





