AIIMS Bhopal WhatsApp Health Services: अब WhatsApp से मिलेंगी अस्पताल की कई जरूरी सेवाएं, QR Code से सीधे जुड़ेंगे मरीज
एम्स भोपाल ने मरीजों के लिए WhatsApp Health Services शुरू की हैं। QR Code स्कैन और OTP सत्यापन के जरिए मरीज इस सेवा से जुड़ सकेंगे। हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध इस सुविधा के जरिए लैब रिपोर्ट समेत कई सेवाओं तक डिजिटल पहुंच आसान होगी।

भोपाल। एम्स भोपाल आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए ‘एम्स भोपाल व्हाट्सएप स्वास्थ्य सेवाएं’ शुरू की हैं। अब मरीजों को कुछ जरूरी सेवाओं के लिए बार-बार अस्पताल आने या अलग-अलग ऑनलाइन पोर्टल तलाशने की जरूरत नहीं होगी।
एम्स भोपाल की इस नई सुविधा के जरिए मरीज अपने मोबाइल फोन में मौजूद WhatsApp से अस्पताल की विभिन्न सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। फिलहाल इसे सार्वजनिक परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया है।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, इस सुविधा का उद्देश्य खासतौर पर उन मरीजों तक डिजिटल सेवाएं आसानी से पहुंचाना है, जो वेबसाइट या स्वास्थ्य संबंधी ऐप का इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं।
QR Code स्कैन कर WhatsApp सेवा से जुड़ेंगे मरीज
एम्स की ओर से इस सुविधा के लिए विशेष WhatsApp नंबर और QR Code उपलब्ध कराया जाएगा। अस्पताल के OPD और मरीजों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर भी QR Code लगाए जाएंगे।
मरीज अपने मोबाइल कैमरे से QR Code स्कैन कर सीधे WhatsApp सेवा से जुड़ सकेंगे। पहली बार सेवा का इस्तेमाल करते समय मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद OTP के जरिए लॉगिन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी।
अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरुआत से ही प्रमाणीकरण की व्यवस्था रखी गई है।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सुविधा
WhatsApp सेवा से जुड़ने के बाद मरीज को हिंदी या अंग्रेजी भाषा चुनने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद चैट के जरिए उपलब्ध सेवाओं की सूची दिखाई देगी।
मरीज अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित सेवा का चयन कर आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। इससे तकनीकी रूप से कम सहज मरीजों के लिए भी अस्पताल की डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल आसान होने की उम्मीद है।
WhatsApp पर मिल सकेगी लैब रिपोर्ट
इस सुविधा की एक अहम खासियत लैब रिपोर्ट से जुड़ी बताई जा रही है। मरीजों को उनकी लैब रिपोर्ट PDF के रूप में WhatsApp के माध्यम से मिल सकेगी।
रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मरीज उसे अपने परिवार के सदस्य या डॉक्टर के साथ भी शेयर कर सकेगा। इससे रिपोर्ट की हार्ड कॉपी निकलवाने की जरूरत कम हो सकती है और मरीज के समय की भी बचत होगी।
मरीजों को क्या होगा फायदा?
एम्स प्रबंधन के अनुसार, कई मरीजों को सिर्फ अपॉइंटमेंट, रिपोर्ट, प्रमाण पत्र या पुरानी डिस्चार्ज समरी जैसी सेवाओं के लिए अस्पताल आना पड़ता है। WhatsApp सेवा के विस्तार से ऐसे कामों के लिए अस्पताल के चक्कर कम किए जा सकेंगे।
इससे अस्पताल में मरीजों की भीड़ और कतार को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही OPD में प्रतीक्षा समय कम करने की दिशा में भी यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।
आगे और सेवाएं जोड़ने की तैयारी
एम्स भोपाल के मुताबिक, WhatsApp स्वास्थ्य सेवा अभी शुरुआती चरण में है। सार्वजनिक परीक्षण के दौरान मरीजों से मिलने वाले फीडबैक और तकनीकी क्षमता के आधार पर इसमें भविष्य में और सेवाएं जोड़ी जा सकती हैं।
अस्पताल का लक्ष्य एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करना है, जिसके जरिए मरीज एक ही माध्यम से अस्पताल की अधिक से अधिक नियमित सेवाओं तक आसानी से पहुंच सकें।





