MP Government Loan: मोहन सरकार लेगी ₹3,600 करोड़ कर्ज, MP पर ₹5.40 लाख करोड़ की देनदारी
मध्य प्रदेश सरकार 1 सितंबर 2026 को RBI के जरिए ₹3,600 करोड़ का नया कर्ज जुटाने जा रही है। दो सरकारी सिक्योरिटीज की नीलामी होगी। नई उधारी के बाद चालू वित्त वर्ष में कर्ज का आंकड़ा ₹51,400 करोड़ और कुल देनदारी ₹5.40 लाख करोड़ तक पहुंचने की बात कही गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर ₹3,600 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार विकास और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए 1 सितंबर 2026 को सरकारी सिक्योरिटीज की नीलामी करेगी। यह नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय के माध्यम से होगी।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में दोनों कर्ज की राशि, अवधि, ब्याज भुगतान और मूलधन वापसी की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। नई उधारी के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कर्ज का कुल आंकड़ा ₹51,400 करोड़ पहुंच जाएगा।
वहीं, इस नए कर्ज के बाद मध्य प्रदेश सरकार की कुल बकाया देनदारी ₹5,40,114 करोड़ तक पहुंचने की बात कही गई है।
दो अलग-अलग सरकारी सिक्योरिटीज के जरिए लिया जाएगा कर्ज
राज्य सरकार 1 सितंबर को ₹3,600 करोड़ की राशि जुटाने के लिए दो अलग-अलग सरकारी सिक्योरिटीज की नीलामी करेगी।
पहली सिक्योरिटी के जरिए ₹1,600 करोड़ का कर्ज 18 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा। इसके लिए सालाना 7.61 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से भुगतान किया जाना है। मूलधन और ब्याज की अदायगी जुलाई 2044 तक निर्धारित अवधि के अनुसार होगी। ब्याज का भुगतान हर साल 8 जनवरी और 8 जुलाई को किया जाएगा।
दूसरी सिक्योरिटी के जरिए ₹2,000 करोड़ का कर्ज 30 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा। इसकी ब्याज दर नीलामी में तय होने वाली कट-ऑफ यील्ड के आधार पर निर्धारित होगी। इस कर्ज के मूलधन की वापसी सितंबर 2056 तक की जाएगी। ब्याज का भुगतान हर साल 2 मार्च और 2 सितंबर को किया जाएगा।
RBI के E-Kuber प्लेटफॉर्म पर होगी नीलामी
सरकार यह पैसा किसी एक बैंक से सीधे उधार नहीं ले रही है। इसके लिए सरकारी सिक्योरिटीज जारी कर निवेशकों से राशि जुटाई जाएगी।
इन सिक्योरिटीज की नीलामी RBI के मुंबई कार्यालय के माध्यम से Core Banking Solution (E-Kuber) प्लेटफॉर्म पर होगी। इसमें बैंक, वित्तीय संस्थान और पात्र निवेशक बोली लगा सकेंगे।
इसके अलावा नॉन-कॉम्पिटिटिव बिडर्स के लिए भी सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश की व्यवस्था रखी गई है।
नॉन-कॉम्पिटिटिव बिडर्स के लिए भी प्रावधान
अधिसूचना के अनुसार, पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं को नॉन-कॉम्पिटिटिव श्रेणी में कुल नोटिफाइड राशि के अधिकतम 10 प्रतिशत तक सिक्योरिटीज आवंटित की जा सकती हैं।
वहीं, किसी एक बोलीदाता के लिए अधिकतम सीमा नोटिफाइड राशि की 1 प्रतिशत रखी गई है।
नीलामी के बाद सरकार को कर्ज की राशि 2 सितंबर 2026 को प्राप्त होगी।
18 अगस्त को भी लिया गया था ₹2,400 करोड़ का कर्ज
इससे पहले राज्य सरकार ने 18 अगस्त 2026 को सरकारी सिक्योरिटीज की नीलामी के जरिए कुल ₹2,400 करोड़ का कर्ज लिया था।
इसमें ₹1,400 करोड़ की राशि 7.58 प्रतिशत और ₹1,000 करोड़ की राशि 7.39 प्रतिशत ब्याज दर पर जुटाई गई थी। इन दोनों कर्जों पर ब्याज का भुगतान जनवरी और जुलाई में छमाही आधार पर किया जाएगा।
इन दोनों कर्जों की अवधि क्रमशः 12 साल और 8 साल है।
अगस्त में पहले भी लिया गया ₹3,600 करोड़
अगस्त महीने की शुरुआत में भी राज्य सरकार ने कर्ज लिया था। 4 अगस्त 2026 को ₹1,600 करोड़ और ₹2,000 करोड़ की दो सिक्योरिटीज के जरिए कुल ₹3,600 करोड़ की राशि जुटाई गई थी।
इससे पहले 31 मार्च 2026 की स्थिति में मध्य प्रदेश सरकार पर करीब ₹4,88,714 करोड़ का कुल कर्ज बताया गया था।
चालू वित्त वर्ष में कर्ज ₹51,400 करोड़ पहुंचने का दावा
1 सितंबर की प्रस्तावित नीलामी के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा जुटाई गई कर्ज राशि का कुल आंकड़ा ₹51,400 करोड़ हो जाएगा।
नई उधारी को शामिल करने के बाद राज्य सरकार की कुल देनदारी ₹5,40,114 करोड़ तक पहुंचने की बात कही गई है।
सरकार की ओर से इस कर्ज को विकास और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए जुटाया जा रहा है। हालांकि, लगातार बढ़ती उधारी राज्य के वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की देनदारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण विषय है।





