MP की इंजीनियर कैलाश मानसरोवर यात्रा में लापता, नेपाल-चीन बॉर्डर पर बाढ़ में फंसी
विदिशा के रिटायर्ड CMHO डॉ. केसी बागरेचा की बेटी स्वाती बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता बताई जा रही हैं। परिवार के अनुसार 25 अगस्त के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। स्वाती कनाडा में इंजीनियर हैं और सद्गुरु के जत्थे के साथ यात्रा पर गई थीं।

विदिशा - मध्य प्रदेश की राजधानी से जुड़े विदिशा जिले की एक बेटी कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता हो गई है। विदिशा के रिटायर्ड CMHO डॉ. के.सी. बागरेचा की बेटी स्वाती बागरेचा कनाडा में इंजीनियर हैं और इस समय सद्गुरु के जत्थे के साथ कैलाश यात्रा पर गई थीं।
परिवार के मुताबिक स्वाती ने 14-15 दिन पहले यात्रा शुरू की थी। 23 अगस्त को उनकी कैलाश परिक्रमा पूरी हो गई थी और वे वापस लौट रही थीं। 25 अगस्त को जब वे नेपाल-तिब्बत सीमा पर रसुवागढ़ी इमिग्रेशन पोस्ट पर थीं, तभी भोटेकोशी नदी में अचानक भीषण बाढ़ आ गई।
बाढ़ इतनी तेज थी कि बॉर्डर पर बनी इमारतें तक बह गईं और सड़कें टूट गईं। तभी से पूरे इलाके में नेटवर्क और संपर्क ठप है।
पिता डॉ. के.सी. बागरेचा ने कहा - "बेटी हर दिन फोन करती थी। 25 तारीख के बाद से उसका फोन बंद आ रहा है, कॉल रिसीव नहीं हो रही। हम बहुत परेशान हैं। सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं।"
नेपाल बाढ़ में 288 भारतीय लापता
विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में आई इस आपदा में 288 भारतीयों से संपर्क टूटा है, जिनमें ज्यादातर कैलाश मानसरोवर यात्री हैं। अकेले रसुवागढ़ी में ही करीब 390 यात्री फंसे हुए थे।
फिलहाल भारतीय दूतावास और नेपाल प्रशासन की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं।

